Home Uttarakhand Kumaon महाराज ने किया निर्माणाधीन जमरानी बांध का निरीक्षण

महाराज ने किया निर्माणाधीन जमरानी बांध का निरीक्षण

महाराज ने किया निर्माणाधीन जमरानी बांध का निरीक्षण



हल्द्वानी। प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण और ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने गोला नदी पर बन रही बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।

सतपाल महाराज ने रविवार को नैनीताल जिले में काठगोदाम से लगभग 10 किलोमीटर दूर गोला नदी (रामगंगा की सहायक नदी) पर बन रही बहुउद्देशीय जमरानी बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए बताया कि जमरानी बांध एक बहुउद्देशीय परियोजना है जिसके निर्माण से नैनीताल, ऊधमसिंह नगर के साथ उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों की  लगभग 57,066 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी।

महाराज ने कहा कि 3,808 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाली जमरानी बांध परियोजना से हल्द्वानी और आसपास के 10 लाख से अधिक लोगों को प्रतिवर्ष 42.70 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल उपलब्ध होगा। जबकि इससे मानसून के दौरान बाढ़ नियंत्रण और नदी प्रवाह के नियमन में सहायता और जलाशय क्षेत्र में मत्स्य पालन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। निरिक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री महाराज के साथ विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

चंपावत। लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने भारतमाला परियोजना के अंतर्गत बनबसा के पास भारत-नेपाल सीमा पर बन रहे ड्राई पोर्ट और उससे जुड़ी चार लेन की सड़क व पुल परियोजना का स्थालीय निरीक्षण किया है। सतपाल महाराज ने रविवार को भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 246.86 करोड़ की धनराशि से निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-09 (पुराना एएच-125) सीतारगंज-टनकपुर मार्ग, जगबुड़ा पुल के समीप 40 किमी बनबसा भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा चेक पोस्ट तक 4-लेन कनेक्टिविटी और 368.28 करोड़ की लगत की बनबसा एकीकृत चेक पोस्ट परियोजना के साथ-साथ ड्राई पोर्ट का भी स्थलीय निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई एवं लोक निर्माण मंत्री महाराज ने निरिक्षण के दौरान बताया कि भारत-नेपाल सीमा (विशेषकर बनबसा-दोधारा चांदनी क्षेत्र) पर बनने वाले ड्राई पोर्ट (सूखा बंदरगाह) से दोनों देशों के बीच व्यापार, आवागमन और आर्थिक विकास को तीव्र गति मिलेगी।