- घबराना नहीं, आपने कोई गलत काम नहीं कियाः राहुल
- सोनिया गांधी की मौजूदगी में कोटद्वार के दीपक से हुई आत्मीय मुलाकात
नई दिल्ली/देहरादून। राजनीति के शोर-शराबे के बीच कभी-कभी कुछ ऐसे क्षण जन्म लेते हैं, जो मानवीय संवेदनाओं की गरिमा को पुनः स्थापित कर देते हैं। ऐसा ही एक मार्मिक और प्रेरणादायक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के कोटद्वार निवासी दीपक कुमार को नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आमंत्रित कर आत्मीय मुलाकात की, इस दौरान सोनिया गांधी भी मौजूद रही। यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि संवेदना, विश्वास और साहस का संदेश थी।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi ने उत्तराखंड के ‘दीपक कुमार’ से मुलाकात की।
दीपक कुमार ने एकता, भाईचारे और हिम्मत की वो मिसाल पेश की है- जो देश के हर युवा को अन्याय और नफरत के खिलाफ लड़ने का हौसला देगा।
दीपक ‘मोहब्बत की दुकान’ के योद्धा हैं- पूरे देश को इन पर गर्व है।
📍 दिल्ली pic.twitter.com/uBVeRP8OiX
— Uttarakhand Congress (@INCUttarakhand) February 23, 2026
उल्लेखनीय है कि विगत 26 जनवरी के दिन बाबा नाम की दुकान पर हुई घटना के बाद दीपक कुमार दुनिया भर में मानवीयता और इंसानियत के प्रतीक रूप में विख्यात हो गये। दीपक कुमार, जिन्हें उनके ‘मोहब्बत के दीपक’ कहा जाने लगा है, हाल के दिनों में चर्चा में रहे। दीपक कुमार ने बताया कि उनसे मिलते हुए राहुल गांधी ने स्नेहपूर्ण शब्दों में कहा, मैं कोटद्वार आकर आपके जिम की सदस्यता लूंगा। घबराना नहीं है, आपने कोई गलत काम नहीं किया। उन्होने बताया कि राहुल गांधी ने मुझे बुलाया था, घर वालों से भी बात की है। एक सवाल के जवाब में दीपक ने कहा कि अब कोई धमकी नहीं मिल रही।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संचार विभाग के सचिव वैभव वालिया के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल राहुल गांधी से मिला। इस अवसर पर वैभव वालिया ने कहा कि भारतीय राजनीति में संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का यह दृश्य प्रेरणादायक है। दीपक जैसे युवाओं को सम्मानित करना दरअसल समाज में करुणा और सेवा-भाव का सम्मान करना है।
मुलाकात के दौरान विजय रावत, अमित राज, संजय मित्तल, नीरज बहुगुणा और वसीम अहमद भी उपस्थित रहे। साथ ही कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी से भी दीपक ने भेंट की। इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, “उत्तराखंड के कोटद्वार के ‘मोहब्बत के दीपक’ का सम्मान होना चाहिए। नफ़रत के खिलाफ खड़े होने वाले दीपक जैसे नौजवान ही भारत का उज्ज्वल भविष्य हैं।”



