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घर में घुसे मलबे में दबकर मां और दो बच्चों की दर्दनाक मौत

घर में घुसे मलबे में दबकर मां और दो बच्चों की दर्दनाक मौत



अल्मोड़ा। मंगलवार तड़के प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों भारी बारिश अब अपना रौद्र रूप दिखा रही हैॅ। भारी बारिश के चलते एक मकान में भारी मलबा घुस गया। जिससे उसमें दबकर तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी। सूचना मिलने  पर मौके पर पहुंची एसडीआरएफ, पुलिस, फायर और प्रशासन की टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों शवों को बाहर निकाला।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब चार बजे जिला आपदा कंट्रोल रूम को 112 नंबर के माध्यम से सूचना मिली थी कि वडयूडा गांव के एक मकान में मलबा घुस गया है और कुछ लोग उसके अंदर दबे हुए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत-बचाव की टीमें मौके के लिए रवाना की गई। जिला प्रबंधन अधिकारी ने बताया मकान के एक हिस्से में परिवार के बुजुर्ग मौजूद थे, जो सुरक्षित बच गए।

वहीं बगल के कमरे में तीन लोग सो रहे थे। इनमें परिवार की बहू, उनका बेटा और बेटी शामिल थे। पीछे की तरफ से आया भारी मलबा दीवार को तोड़ते हुए मकान के अंदर घुस गया और तीनों लोग मलबे में दब गए। हादसे में तीनों की मौत हो गई। प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मलबे में दबे तीनों लोगों को बाहर निकाला। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया गया है।

हादसे के बाद मौके पर एसडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौजूद रहीं। सीओ रानीखेत, एसडीएम, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य की निगरानी की। दो एंबुलेंस भी मौके पर भेजी गई थी। उन्होंने बताया कि रास्ते में मलबा आने के बावजूद प्रशासन की ओर से राहत-बचाव टीमों को समय पर मौके तक पहुंचाया गया। फिलहाल मौके पर तीन जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। सड़क को भी खोल दिया गया है और बचा हुआ मलबा पूरी तरह साफ किया जा रहा है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के बीच भूस्खलन और मलबे को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। वहीं आपदा की ये घटना अल्मोड़ा जिले के थाना सोमेश्वर में घटित हुई। मृतकों की पहचान प्रेमा देवी (42 वर्ष), पत्नी राजेन्द्र राम, कल्पना आर्या (19 वर्ष) पुत्री राजेन्द्र राम और मनीष कुमार (18 वर्ष) पुत्र राजेन्द्र राम के रूप में हुई। वहीं, 01 व्यक्ति गुलाब राम मकान के बाहर स्थित कमरे में सो रहे थे, जो मकान ढहने के दौरान सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।