देहरादून। आज मुख्य सेवक सदन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वरिष्ठ मातृशक्ति का सम्मान कार्यक्रम “नारी तू नारायणी” में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति, जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली राज्य की 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान हो रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है। महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है। महिलाएं, मां के रूप में अपने जीवन के प्रत्येक सुख को त्यागकर अपने बच्चों को आगे बढ़ाती हैं।
मुख्य सेवक सदन, देहरादून में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वरिष्ठ मातृशक्ति का सम्मान “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में सहभागिता कर शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति, जल संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाली राज्य की 38… pic.twitter.com/o8o08zQf9w
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 8, 2026
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ महिलाएं, परिवारों के साथ संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों की रक्षक भी हैं। उत्तराखण्ड की मातृशक्ति का योगदान और भी अधिक प्रेरणादायी और गौरवपूर्ण है। हमारे प्रदेश की महिलाएं परिवार को संभालने के साथ खेत-खलिहानों को संवारती हैं। राज्य की महिलाएं कठिन परिस्थिति में भी मजबूती से आगे बढ़ती हैं। उत्तराखण्ड की माताओं ने अपने त्याग, परिश्रम और अदम्य साहस से इस राज्य को आगे बढ़ाया है। पहाड़ की असली ताकत उसकी मातृशक्ति है।
मुख्यमंत्री ने कहा वरिष्ठ नागरिकों, वृद्ध माताओं की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। राज्य सरकार, महिलाओं-विशेषकर वरिष्ठ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेकों कल्याणकारी योजनाएँ चला रही है। राज्य सरकार, वृद्धावस्था पेंशन योजना, विधवा पेंशन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ राज्य के विभिन्न जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क धार्मिक यात्राओं की सुविधा दे रही है। सरकार का संकल्प है कि उत्तराखण्ड की हर वृद्ध माता को सम्मान, सुरक्षा और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अवसर मिल सके।
कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य ने कहा कि आज जिन वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, उनका जीवन संघर्ष, धैर्य और समाज के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका अनुभव और मार्गदर्शन समाज की अमूल्य धरोहर है।
सचिव चंद्रेश कुमार यादव ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम की मुख्य थीम “Give to Gain निर्धारित की गई है। इस थीम के अनुरूप ऐसे वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु होने के बावजूद भी सक्रिय, आत्मनिर्भर और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद देहरादून से श्रीमती पार्वती देवी नेगी, श्रीमती मीना रवि, डॉ.ज्योति मरवाह, जनपद नैनीताल से श्रीमती धनुली नेगी, श्रीमती मीनू जोशी, श्रीमती लता हर्बोला, जनपद रुद्रप्रयाग से श्रीमती भादी देवी, श्रीमती गीता नौटियाल, श्रीमती रामेश्वरी भट्ट जनपद चंपावत से श्रीमती उर्मिला चन्द, जनपद पौड़ी गढ़वाल से डॉ. उर्मिला राणा, श्रीमती कमला नेगी, श्रीमती पार्वती देवी, जनपद अल्मोड़ा श्रीमती मनोरमा जोशी, सुश्री हेमलता वर्मा, श्रीमती कामिनी कश्यप, जनपद उत्तरकाशी से श्रीमती सरतमा देवी, श्रीमती विशाला भण्डारी, श्रीमती शांति ठाकुर, जनपद चमोली से सुशीला सेमवाल, श्रीमती चंद्रकला बिष्ट, श्रीमती कलावती देवी, श्रीमती मुन्नी देवी, जनपद बागेश्वर से श्रीमती नीमा दफौटी, श्रीमती नारायणी देवी, श्रीमती गंगा राम, जनपद टिहरी गढ़वाल से श्रीमती सोबती देवी, श्रीमती लता देवी, श्रीमती प्रभा रतूड़ी, जनपद ऊधमसिंह नगर से श्रीमती मीना शर्मा, श्रीमती आशा मुन्जाल, श्रीमती इन्द्रा मिश्रा, हरिद्वार से सैयदा खातुन, श्रीमती बाला देवी उर्फ ब्रज किशोरी, श्रीमती कान्ति एवं पिथौरागढ़ से श्रीमती दुर्गा खड़ावत, श्रीमती शकुलन्ता दयाल, श्रीमती देवकी जोशी को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में उपाध्यक्ष, उत्तराखण्ड जनजाति सलाहकार परिषद गीता राम गौड़, निदेशक बीएल राणा, विक्रम सिंह, एस के त्रिपाठी, मोहित चौधरी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।






