Home Uttarakhand Dehradun आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को डीएम ने किया जिला बदर

आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को डीएम ने किया जिला बदर

आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को डीएम ने किया जिला बदर



देहरादून। कानून-व्यवस्था एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए आदतन अपराधी को जिला बदर कर दिया गया है। मौहल्लेवासियों के लिए भय और हिंसा का पर्याय बने आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत जिला बदर किया गया है।

प्रकरण में प्राप्त तथ्यों एवं जनसुनवाई के दौरान मौहल्लेवासियों की शिकायतों के आधार पर यह सामने आया कि विपक्षी दिव्यकांत लखेड़ा पुत्र स्व० राम बिहारी लखेड़ा, निवासी लेन ऋषि विहार, माजरी माफी, देहरादून द्वारा अपनी वृद्ध माता के साथ मारपीट की जाती थी, जिससे भयभीत होकर माता को घर छोड़ना पड़ा। इसके अतिरिक्त, वह मौहल्ले की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियाँ करता था तथा असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने घर को नशे के अड्डे के रूप में संचालित कर रहा था। इन गतिविधियों से क्षेत्र में लगातार अशांति एवं भय का माहौल बना हुआ था।

उक्त परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने विपक्षी के विरुद्ध जारी नोटिस 14.10.2025 की पुष्टि की गई तथा गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत जनहित में उसे “गुण्डा” घोषित करते हुए आदेश की तिथि से 06 माह की अवधि के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने का आदेश पारित किया गया है।

आदेशानुसार, इस अवधि में यदि विपक्षी किसी कारणवश जनपद में प्रवेश करेगा, तो उसे पूर्व में इस जिला मजिस्टेªट न्यायालय को सूचना देकर स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। साथ ही, जनपद की सीमा से बाहर रहते हुए अपने निवास स्थान का पूर्ण पता इस न्यायालय एवं थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी, देहरादून को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में विपक्षी को न्यूनतम 06 माह से लेकर अधिकतम 03 वर्ष तक के कठिन कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया जा सकेगा।

थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देशित किया गया है कि आदेश की प्रति विपक्षी को तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर जाने के निर्देश दें तथा अनुपालन आख्या जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को प्रेषित करेंगें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और नागरिकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।